छत्तीसगढ़

GN प्रशिक्षण संस्था की छात्राओं के लिए हेपेटाइटिस बी-सी स्क्रीनिंग व टीकाकरण शिविर

Shantanu Roy
20 March 2026 8:50 PM IST
GN प्रशिक्षण संस्था की छात्राओं के लिए हेपेटाइटिस बी-सी स्क्रीनिंग व टीकाकरण शिविर
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Mahasamund. महासमुंद। जिले में स्वास्थ्य जागरूकता और संक्रामक रोगों की रोकथाम के उद्देश्य से राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जी.एन.एन. प्रशिक्षण संस्था की छात्राओं के लिए हेपेटाइटिस बी एवं सी से बचाव हेतु स्क्रीनिंग और टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में आयोजित किया गया। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य छात्राओं को हेपेटाइटिस बी संक्रमण से सुरक्षित रखना, समय पर जांच कर संक्रमण की पहचान करना तथा टीकाकरण के माध्यम से रोग से बचाव सुनिश्चित करना था। साथ ही, छात्राओं में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

शिविर का संचालन जिला नोडल अधिकारी (एनवीएचपी) डॉ. छत्रपाल चन्द्राकर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे के मार्गदर्शन में किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं को हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण, लक्षण, बचाव और उपचार से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। शिविर में कुल 39 छात्राओं की हेपेटाइटिस बी एवं सी की स्क्रीनिंग की गई। जांच रिपोर्ट में सभी छात्राएं निगेटिव पाई गईं, जिसके बाद उन्हें हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर टीकाकरण से इस संक्रमण से काफी हद तक बचाव संभव है और यह एक प्रभावी रोकथाम उपाय है।

यह कार्यक्रम भा. चि. महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय, जिला महासमुंद में आयोजित किया गया, जहां संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. बसंत महेश्वरी के मार्गदर्शन में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। शिविर में स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सा टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई और छात्राओं को आवश्यक परामर्श भी दिया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को यह भी बताया गया कि हेपेटाइटिस बी और सी जैसे वायरल संक्रमण अक्सर असुरक्षित रक्त, संक्रमित सुई, या अन्य माध्यमों से फैलते हैं। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित चिकित्सा प्रक्रियाओं और जागरूकता के माध्यम से इनसे बचाव किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का आयोजन आगे भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को समय पर जांच और टीकाकरण का लाभ मिल सके। विशेष रूप से स्वास्थ्य से जुड़े प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए ऐसे कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि वे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रहेंगे। छात्राओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस शिविर से उन्हें न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, बल्कि बीमारी के प्रति सही जानकारी भी प्राप्त हुई। इससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और वे भविष्य में दूसरों को भी जागरूक कर सकेंगी। यह आयोजन जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा, जागरूकता और रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग संक्रामक रोगों के नियंत्रण और जनजागरूकता को लेकर गंभीरता से कार्य कर रहा है।
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